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1,520 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा को अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने दिखाई हरी झंडी

भोपाल 

मध्यप्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 दिवसीय विशेष मोटरसाइकिल एक्सपीडिशन का शुभारंभ हुआ। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने हरी झंडी दिखाकर 1,520 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को भोपाल से रवाना किया। यह यात्रा पर्यटकों को प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों, ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेगी।

देश के 9 राज्यों और फ्रांस से जुटे 22 साहसी राइडर्स

इस अभियान में देश-विदेश के कुल 22 राइडर्स भाग ले रहे हैं। इनमें महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और केरल के प्रतिभागी शामिल हैं। यात्रा में फ्रांस के पेरिस से आईं 55 वर्षीय महिला राइडर फैबिएन क्रिस्टीन जैनिन ड्यूपुइस विशेष रूप से शामिल हुई हैं। वे प्रदेश के प्राकृतिक और वन्य जीव स्थलों को दोपहिया वाहन से करीब से देखने को लेकर बहुत उत्साहित थी।

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और रॉयल एनफील्ड की 2 साल की साझेदारी

यह फ्लैग-ऑफ मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और रॉयल एनफील्ड के बीच 2026 से 2028 तक चलने वाली दो वर्षीय रणनीतिक साझेदारी की औपचारिक शुरुआत है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अनुभव-आधारित और जिम्मेदार पर्यटन (रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म) को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थाएं मिलकर नए क्यूरेटेड रूट्स तैयार करेंगी, जिससे न केवल पर्यटन के नए आयाम स्थापित होंगे, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे।

पचमढ़ी से पन्ना तक का मनोरम यात्रा मार्ग

1 से 10 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस नौ दिवसीय यात्रा का मार्ग भोपाल से शुरू होकर पचमढ़ी, पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना होते हुए पुनः भोपाल पर समाप्त होगा। अभियान में शामिल राइडर्स हाल ही में लॉन्च हुई रॉयल एनफील्ड बुलेट 650 पर सवार होकर पहाड़ी, वनाच्छादित और दुर्गम रास्तों का अनुभव करेंगे। इस यात्रा का भव्य समापन भोपाल में आयोजित होने वाले 7वें मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2026 के विशेष समारोह में किया जाएगा।

वन्य जीव संरक्षण और समृद्ध जनजातीय विरासत का जीवंत अनुभव

यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को पेंच, कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर-जोन में सुबह की विशेष जीप सफारी का अनुभव कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दल को स्थानीय समुदायों की जीवन शैली, पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, स्थानीय हस्तशिल्प और विश्व प्रसिद्ध बैगा जनजातीय कला से भी रूबरू कराया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के बीच आत्मीय संवाद स्थापित होगा।

भविष्य में तैयार होंगे नए टूरिज्म कॉरिडोर और हेरिटेज ट्रेल्स

आगामी दो वर्षों में इस साझेदारी के अंतर्गत राज्य में ऑफ-रोड ट्रेल, हेरिटेज राइड्स और सुंदर प्राकृतिक मार्गों पर आधारित नए मोटरसाइकिल रूट्स विकसित किए जाएंगे। इसका प्राथमिक ध्येय प्रमुख पर्यटन केन्द्रों को अनछुए और दूरस्थ दर्शनीय स्थलों से जोड़ना तथा पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति यात्रियों को जागरूक करना है।

इस अवसर पर टूरिज्म बोर्ड के संयुक्त निदेशक डॉ. संतोष वास्तव और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (आईजीआरएमएस) के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे सहित पर्यटन बोर्ड एवं रॉयल एनफील्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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