रायपुर। गुजरात, ओडिशा और आंध्रप्रदेश में दर्ज साइबर ठगी के चार मामलों से जुड़े बैंक खाते में लेन-देन करने वाले एक मोबाइल विक्रेता को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के खाते में वर्ष 2025 के दौरान करीब 9 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिलने का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार केंद्रीय साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की निगरानी के दौरान मामले का पता चला। जांच में सामने आया कि तीनों राज्यों के पीड़ितों को शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी की गई थी। ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रायपुर स्थित आरोपी के खाते तक पहुंचाई गई।
पुलिस ने विकास बिहार कॉलोनी निवासी मानव खत्री (26) को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोबाइल फोन बिक्री का कारोबार करता है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसके बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि को जमा करने और बाद में एटीएम व अन्य माध्यमों से निकालने के लिए किया जा रहा था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि एक अन्य युवक के कहने पर वह अपने खाते में आए पैसों को निकालकर उसे देता था और बदले में कमीशन प्राप्त करता था। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को रकम के वास्तविक स्रोत और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की कितनी जानकारी थी।
पुलिस का मानना है कि यह केवल एक खाते का मामला नहीं है, बल्कि साइबर अपराध से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। अब संबंधित राज्यों की पुलिस को भी गिरफ्तारी और जांच से जुड़ी जानकारी भेजी जाएगी ताकि मामले के अन्य आरोपियों और लाभार्थियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने नागरिकों से शेयर ट्रेडिंग, निवेश और ऑनलाइन कमाई के नाम पर मिलने वाले लुभावने प्रस्तावों से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल साइबर हेल्पलाइन या पुलिस में शिकायत करने की अपील की है।


