कोलकाता: आरजी कर रेप और मर्डर केस में पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व पुलिस कमिश्नर समेत तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की है। नवान्न स्थित राज्य सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि कोलकाता पुलिस के तत्कालीन आयुक्त विनीत गोयल, इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सरकार के शुरुआती फैसले
पूरे राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने को मंजूरी
45 दिनों के भीतर बीएसएफ को सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन देने का निर्देश
सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 5 वर्ष बढ़ाई गई
इसी क्रम में आरजी कर मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
जांच आयोग बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि आरजी कर कांड की विस्तृत जांच के लिए एक आयोग गठित किया जाएगा। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में पीड़िता की मां भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत चुकी हैं, जिसके बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है।
तीन लोगों की गिरफ्तारी की मांग
इस बीच पीड़िता के माता-पिता ने सियालदह अदालत में याचिका दायर कर तीन लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ की मांग की है। याचिका में पूर्व पानीहाटी विधायक निर्मल घोष, सोमनाथ दास और स्थानीय टीएमसी पदाधिकारी संजीव मुखोपाध्याय के नाम शामिल हैं। परिवार का आरोप है कि इन लोगों ने शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने और महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाने में भूमिका निभाई। साथ ही दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने से रोकने की भी कोशिश की गई।
सीबीआई ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि एजेंसी को यह निर्देश नहीं दिया जा सकता कि वह किन लोगों को गिरफ्तार करे। हालांकि, एजेंसी ने 5 जून तक अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 जून को होगी।


