Friday, September 25, 2026
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रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुकमा जिले में गोगुंडा पहाड़ी पर बना सुरक्षा बलों का नया शिविर

सुकमा. छत्तीसग­ढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गोगुंडा गांव की पहाड़ी पर सुरक्षाबलों के लिए शिविर की स्थापना की गई है जिससे क्षेत्र में सुरक्षा के साथ ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने बताया कि जिला पुलिस बल, जिला रिजर्व गार्ड और केंद्रीय रिवर्ज पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 74वीं बटालियन ने मिलकर पहाड़ी की चोटी पर शिविर को बनाया है, जहां अब तक कोई सड़क या पैदल चलने का कोई आम रास्ता भी नहीं था. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों के कारण, नवीन सुरक्षा शिविर स्थापना का कार्य अत्यंत कठिन था. उनके मुताबिक, खड़ी पहाड़ी, घने जंगल, तीव्र ढलान और प्राकृतिक बाधाओं के बीच सबसे पहले सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया, जो स्वयं एक जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी.

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने लगातार कई दिनों तक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए पहाड़ी काटकर एक सुरक्षित मार्ग तैयार किया जिसके बाद आवश्यक सामग्री, संरचनात्मक और सुरक्षा संसाधनों को ऊपर पहाड़ी तक पहुंचाना संभव हो सका.
उन्होंने बताया कि इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए अंतत? सुरक्षा शिविर की सफल स्थापना की गई, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षाबलों की उपस्थिति मजबूत होगी तथा स्थानीय ग्रामीणों में विश्वास और सुरक्षित वातावरण को ब­ढ़ावा मिलेगा.

अधिकारियों के मुताबिक, यह शिविर आस-पास के सभी दुर्गम इलाकों में क्षेत्र वर्चस्व, विकास कार्यों की सुरक्षा, ग्रामीणों से बेहतर समन्वय तथा नक्सल विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. अधिकारियों ने बताया कि शिविर की स्थापना के दौरान सुरक्षा ड्यूटी में तैनात सीआरपीएफ का एक जवान और जिला पुलिस बल सुकमा की एक महिला सुरक्षाकर्मी माओवादियों द्वारा लगाए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गए थे. उनका उपचार जारी है तथा हालात अभी सामान्य है.

सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा, ”सुरक्षा और विकास को हर गांव तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है. गोगुंडा में यह उपलब्धि इसी संकल्प का परिणाम है और आगे भी ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे.” नए शिविर बनने के साथ ही माओवादियों के दरभा डिवीजन का बेस एरिया भी तबाह हो गया. जनवरी 2024 से अब तक सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने कुल 21 नए शिविर बनाए हैं.

उन्होंने बताया कि नए सुरक्षा शिविरों की स्थापना होने से नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 587 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है तथा सुरक्षाबलों को विभिन्न अभियानों में 68 माओवादी को मार गिराने और 450 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है.

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