मुंबई. शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे की अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के साथ मुलाकात के एक दिन बाद सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि उनकी चर्चा राजनीतिक थी और नगर निकाय चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच गठबंधन ”दिल और दिमाग” से किया जाएगा.
राउत ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ठाकरे भाई इस बात पर आम सहमति पर पहुंच गए हैं कि मुंबई, ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, नासिक और पुणे जैसे प्रमुख नगर निकायों पर मिलकर काम किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “कई अन्य नगर निकाय हैं, जहां शिवसेना (उबाठा) का दबदबा है, लेकिन ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां मनसे मजबूत है. राकांपा (एसपी) कुछ क्षेत्रों में मजबूत है. कांग्रेस विदर्भ के कई क्षेत्रों में मजबूत है.” राउत ने कहा कि ठाकरे बंधुओं के बीच व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध मजबूत हैं. राउत ने यह भी कहा कि उनके बीच बातचीत बहुत आगे बढ़ गई है.
उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कहा, “मुंबई का महापौर असली भगवा रंग वाला मराठी होगा. वह दिल्ली के आगे झुकने वाला नहीं होगा.” रविवार को उद्धव और राज के बीच हुई मुलाकात का ज.क्रि करते हुए राउत ने कहा, “चर्चा राजनीतिक थी.” मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने कहा कि आम मतदाताओं में ठाकरे परिवार के प्रति प्रेम है और राउत की टिप्पणी शायद परिवार के प्रति उनकी भावनाओं का परिणाम है.
दोनों चचेरे भाई रविवार को बांद्रा में राउत के पोते के नामकरण समारोह के दौरान मिले. इसके बाद राज उपनगर स्थित उद्धव के आवास ‘मातोश्री’ गए और उनसे बातचीत की. पांच जुलाई के बाद से दोनों नेताओं की यह पांचवीं सार्वजनिक मुलाकात थी. राउत ने कहा, “यह गठबंधन दिल और दिमाग से बनेगा. यह कोई राजनीतिक गठबंधन नहीं है. यह तन-मन-धन से बना गठबंधन है.” यह पूछे जाने पर कि क्या मनसे महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा बनेगी, शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा कि इस सवाल का जवाब केवल राज ही दे सकते हैं.
उन्होंने कहा, “एमवीए का गठन तीन प्रमुख दलों से मिलकर हुआ था. मनसे एक स्वतंत्र पार्टी है. शिवसेना (उबाठा) और मनसे (नगर निकाय चुनावों के लिए) के बीच बातचीत चल रही है. एमवीए के साथ संबंध अच्छे हैं और राज ठाकरे के एमवीए नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं.” उन्होंने बताया कि एमवीए का गठन राज्य विधानसभा के लिए किया गया था और पार्टी नगर निकाय चुनावों के लिए एक नया फॉर्मूला लेकर आएगी.
हालांकि, मनसे के एक नेता ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई और राज ठाकरे ‘मातोश्री’ इसलिए गए, क्योंकि वह पास में ही एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. दोनों दलों के बीच गठबंधन की आधिकारिक घोषणा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राज्य में 27 नगर निकाय हैं और हर सीट और पैनल पर विस्तृत चर्चा होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नगर निकाय में राजनीतिक स्थिति अलग-अलग होती है और स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच चर्चा होती रहती है. महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित विभिन्न नगर निकायों के चुनाव वर्ष के अंत तक होने की संभावना है.


